शेवरले के किन मॉडलों को सबसे खूबसूरत कहलाने का हक है?
दशकों के दौरान शेवरले ने सिर्फ व्यावहारिक और भरोसेमंद कारें ही नहीं बनाई हैं। इस ब्रांड ने कुछ बेहद आकर्षक डिज़ाइन भी पेश किए हैं, जिनमें ऐसे मॉडल शामिल हैं जो आज भी कार संग्रहकर्ताओं और बेहद ऊँची अपेक्षाएँ रखने वाले ऑटोमोबाइल उत्साहियों का ध्यान खींचते हैं।
1957 की शेवरले Bel Air में अंतरिक्ष युग का आशावाद और तकनीकी महत्वाकांक्षा, दोनों झलकते थे, जिन्होंने 1950 के दशक में अमेरिकी कार डिज़ाइन को परिभाषित किया। डिज़ाइन की कई विशिष्ट बारीकियों ने इसे अपने दौर की सबसे आसानी से पहचानी जाने वाली कारों में शामिल कर दिया।
इसके विशिष्ट टेलफिन, जो पहले अधिक गोलाकार थे, 1957 के मॉडल में ज्यादा नुकीले और पंखों जैसे हो गए। सामने की विशाल क्रोम ग्रिल को केवल सजावट के रूप में रखने के बजाय बंपर में समाहित किया गया था। रबर के सिरों वाले गोली के आकार के क्रोम बंपर उभारों ने एक और अनूठी पहचान जोड़ी।
बोनट पर लगे दो क्रोम अलंकरण लगभग छोटे रॉकेट जैसे दिखते थे। उन्होंने Bel Air के भविष्यवादी व्यक्तित्व को और मजबूत किया तथा इस बड़ी शेवरले को उभरते अंतरिक्ष युग से प्रेरित रचना जैसा रूप दिया।
पिछले बंपर का आकार असामान्य रूप से अर्धचंद्र जैसा था। टेललाइट और ब्रेक लाइट को रंगीन लेंस वाली एक इकाई के रूप में इस डिज़ाइन में समाहित किया गया था।
दो रंगों वाली पेंट योजनाओं ने भी कार की खूबसूरती बढ़ाई। विपरीत रंग की छत से सेडान का भारीपन देखने में कम लगता था, जिससे बड़ी Bel Air को अधिक सुरुचिपूर्ण और संतुलित रूप मिलता था।
1963 की शेवरले Corvette Sting Ray को पहचानने के सबसे आसान तरीकों में से एक इसकी दो हिस्सों में बंटी पिछली खिड़की है। काँच के बीच एक पतला खड़ा विभाजक था, जो उसे दो हिस्सों में बाँटता था। यह विशेषता देखने में प्रभावशाली थी, लेकिन इससे पीछे की दृश्यता घटती थी, इसलिए शेवरले ने 1963 के बाद इसे Corvette श्रृंखला से हटा दिया।
इस कूपे की आकृति स्पष्ट रूप से आक्रामक थी। इसकी लंबी, क्रमशः संकरी होती बॉडी, स्थिर फास्टबैक शैली की छत और जमीन के करीब बैठी बनावट कार को शिकारी जैसा रूप देती थी। स्पष्ट बॉडी रेखाएँ, तराशी हुई सतहें और आगे तथा पीछे के विशिष्ट आकार स्टिंगरे मछली की आकृति की याद दिलाने के लिए बनाए गए थे — यह विचार सीधे इसके नाम में भी दिखाई देता था।
छिपने वाली हेडलाइट एक और उल्लेखनीय विशेषता थीं। जब चालक हेडलाइट का स्विच चालू करता था, तो घूमने वाले आवरण अपनी जगह पर मुड़कर लाइट को कार के सामने के पैनल के ऊपर ले आते थे। बंद होने पर हेडलाइट पूरी तरह गायब हो जाती थीं, जिससे Corvette की चिकनी, वायुगतिकीय आकृति लगभग बिना किसी व्यवधान के बनी रहती थी।
1964 की शेवरले Impala पिछले साल के मॉडल पर आधारित थी, लेकिन इसके बाहरी हिस्से में कई बदलाव किए गए, जिनसे इसे अधिक साफ-सुथरा और परिष्कृत रूप मिला। बंपर चौड़े हो गए और उन पर उभरे हुए खड़े बंपर गार्ड लगाए गए, जबकि ग्रिल का पैटर्न अधिक स्पष्ट बनाया गया।
शेवरले ने बड़े टेलफिन और भारी क्रोम सजावट से दूरी बनाई, जो कुछ पुराने डिज़ाइनों की पहचान थे। इसके बजाय 1964 की Impala में साफ-सुथरी, अभिव्यंजक रेखाओं पर जोर दिया गया।
छह गोल टेललैंप कार की सबसे आसानी से पहचानी जाने वाली डिज़ाइन विशेषताओं में से एक बन गए। उन्होंने पिछले हिस्से को ऐसा विशिष्ट रूप दिया जो आगे चलकर Impala नाम से गहराई से जुड़ गया।
Super Sport को बेहतर साज-सज्जा वाले एक अलग, प्रदर्शन-केंद्रित संस्करण के रूप में पेश किया गया था। इसकी सीटों पर बनावट वाली, चमड़े जैसी फिनिश थी और उनका आकार बकेट सीट जैसा था। साइड मोल्डिंग, पिछले टेललाइट पैनल और डैशबोर्ड पर ब्रश्ड एल्युमिनियम जैसे दिखने वाले सजावटी हिस्से लगाए गए, जिन्होंने इंटीरियर को अधिक परिष्कृत बनाया।
1967 की शेवरले Camaro खड़ी होने पर भी तेज रफ्तार वाली कार लगती थी। लंबा बोनट, छोटा पिछला हिस्सा और जमीन के करीब बैठी बनावट अमेरिकी स्पोर्ट्स कूपे के क्लासिक अनुपात बनाते थे, जबकि पीछे की ओर स्थित केबिन कार को दिखने में शेवरले की Corvette से जोड़ता था।
Camaro की सबसे महत्वपूर्ण डिज़ाइन विशेषताओं में से एक उसका उभरा हुआ मध्य भाग था। ऊपर से देखने पर इसकी बॉडी Coca-Cola की बोतल के आकार जैसी लगती थी। तथाकथित "कोक बॉटल" डिज़ाइन 1960 के दशक में ऑटोमोबाइल उद्योग में बेहद लोकप्रिय था और इससे Camaro को अपने दौर के अनुरूप, लेकिन स्पोर्टी रूप मिला।
1967 की Camaro की काली ग्रिल, जिसके चारों ओर क्रोम फ्रेम था और बीच में शेवरले का प्रतीक था, इसके रूप को खास पहचान देती थी। चमकीले घेरों वाली गोल हेडलाइट के साथ ग्रिल में समाहित छोटी गोल पार्किंग लाइट लगाई गई थीं। इन बारीकियों ने मिलकर ऐसा सामने का हिस्सा बनाया जो आज भी तुरंत पहचाना जा सकता है।
1967 की Camaro Z/28 को अमेरिकी प्रदर्शन-केंद्रित कार डिज़ाइन के क्लासिक उदाहरणों में व्यापक रूप से गिना जाता है। सड़क पर रेसिंग के लिए विकसित इस कार के बोनट और डिक्की के ढक्कन पर लंबाई की दिशा में चौड़ी धारियाँ थीं, साथ ही ग्रिल और अगले फेंडर पर Z/28 बैज लगे थे।
2020 की शेवरले Corvette C8, Corvette के पारंपरिक फ्रंट-इंजन लेआउट से एक क्रांतिकारी बदलाव थी। इसका बीच में लगा इंजन यात्री केबिन के पीछे काँच के पैनल के नीचे दिखाई देता था, जिससे पावरट्रेन कार की दृश्य पहचान का हिस्सा बन गया।
नई संरचना ने Corvette के आक्रामक बाहरी रूप को भी प्रभावित किया। आगे लगा बड़ा स्प्लिटर तेज रफ्तार पर हवा के प्रवाह को नियंत्रित करने में मदद करता था, जबकि पीछे लगा उभरा हुआ दो हिस्सों वाला स्पॉइलर कार के रेसट्रैक-केंद्रित रूप को और मजबूत करता था। किनारों पर बने बड़े एयर इनटेक बीच में लगे इंजन तक हवा पहुँचाते थे और C8 को विशिष्ट, आकर्षक सुपरकार जैसा रूप देते थे।
एनिमेटेड टर्न सिग्नल वाली LED हेडलाइट ने एक और भविष्यवादी स्पर्श जोड़ा। आयताकार एग्जॉस्ट आउटलेट कार के प्रदर्शन-केंद्रित व्यक्तित्व को और उभारते थे।
अंदर शेवरले ने चमड़ा, माइक्रोफाइबर स्वेड और कार्बन फाइबर जैसी सामग्रियों का संयोजन किया। इस मेल ने C8 को प्रीमियम और आधुनिक रूप दिया, जो इसके प्रभावशाली बाहरी डिज़ाइन के अनुरूप था और Corvette के डिज़ाइन में एक बड़े विकास का प्रतीक बना।